उत्तराखंड विधानसभा में UCC यानी समान नागरिक संहिता बिल पेश हो गया है. कानून बनने के बाद उत्तराखंड आज़ादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा.
समान नागरिक संहिता पर ड्राफ़्ट कमेटी की रिपोर्ट कुल 780 पन्नों की है. इसमें क़रीब 2 लाख 33 हज़ार लोगों ने अपने विचार दिए हैं. इसे तैयार करने वाली कमेटी ने कुल 72 बैठकें की थीं. ख़बरों के मुताबिक, UCC के ड्राफ़्ट में 400 से ज़्यादा धाराएं हैं.
UCC विधेयक महिला अधिकारों पर केंद्रित है. इसमें बहु-विवाह पर रोक का प्रावधान है. लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाने का प्रावधान है.
यूसीसी ड्राफ्ट में सभी वर्गों में पुत्र और पुत्री को संपत्ति में समान अधिकार देने का प्रावधान किया गया है।
महिला और पुरुष के बीच विवाह तभी हो सकता है जब विवाह के समय दूल्हे और दुल्हन की पहले से कोई जिंदा पति और पत्नी न हो
विवाह के समय पुरुष की उम्र 21 वर्ष पूरी हो और स्त्री की आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए। विवाह को पंजीकरण धारा छह के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
यदि पति-पत्नी में से किसी एक ने बिना किसी उचित कारण के अपने साथी को दूसरे के साथी से अलग कर दिया है, तो पीड़ित पक्ष वैवाहिक अधिकारों के प्रतिस्थापन के लिए अदालत में आवेदन कर सकता है।
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति में उसकी पत्नी व बच्चों को समान अधिकार दिया गया है। इसके साथ मृतक के माता-पिता को भी उसकी संपत्ति में समान अधिकार दिया गया है।