मुजाहिद अली@ सितारगंज।
सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने,वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अपनी दर्जन भर मांगों को लेकर धरने पर बैठी आशा वर्करों की बेमियादी हड़ताल सोल बा दिन भी जारी रही। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के बाहर धरना देकर आशा वर्करों ने सरकार के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया।
आशा वर्कर अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएचसी के बाहर धरने पर बैठी है। प्रदेश यूनियन नेतृत्व के आह्वान पर से जुडी आशा कार्यकर्तियो ने बताया कि दोनों यूनियनो द्वारा साथ कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। उनके अनुसार प्रदेश यूनियन के आह्वान पर वह अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर आंदोलित हैं। प्रदेश के समस्त विकास खंडों में धरना प्रदर्शन व ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री को अवगत करा चुके है। लेकिन सरकार आशाओं की मांगे नहीं मान रही है। आशाओं का कहना है कि हमारी मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि आशाओं के श्रम का शोषण लगातार सरकार खुद कर रही है उन्होंने कहा कि उन्हें मुफ्त का कार्यकर्ता न समझकर मेहनत का पैसा दिया जाए। कोरोना डयूटी के अलावा उनको कई अन्य सर्वे कार्य करने पड़ रहे हैं। लेकिन सरकार उनको मेहनत के बराबर भुगतान नहीं कर रही है।
इस मौके पर यूनियन की ब्लॉक अध्यक्षा ,मंजू देवी समरीन सिद्दीकी दीप राणा, संध्या, सुमन, मोबीना, समीना, प्रमोद कुमारी, बबिता, गोमती, लल्ली, रमेश, शबीना, यास्मीन, मोहिनी, मीना, फूलमती आदि दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।